आत्मनिर्भर भारत अभियान 3.0: ऑनलाइन आवेदन (Atmanirbhar 3.0) पैकेज लाभ

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कोरोना महामारी के लॉकडाउन के कारण देश आर्थिक संकट में था। इस आर्थिक संकट से देश को छुटकारा दिलाने के लिए सरकार ने आत्मनिर्भर भारत अभियान शुरू किया था। आत्मनिर्भर भारत अभियान 1.0 की सफलता के बाद, भारत सरकार ने आत्मनिर्भर भारत अभियान 2.0 और 3.0 लॉन्च किया है। आज यहाँ हम आपको इस लेख में आत्मनिर्भर भारत अभियान 1.0, 2.0 और 3.0 से संबंधित सभी महत्वपूर्ण जानकारी देने जा रहे हैं। इस लेख में आपको आत्मनिर्भर भारत अभियान से जुड़ी पूरी जानकारी मिलेगी, जैसे कि आत्मनिर्भर भारत अभियान क्या है?, इसके लाभ, सुविधाएँ, पात्रता, आत्मनिर्भर भारत अभियान के तहत आने वाली योजनाएँ, आवेदन प्रक्रिया, आदि। तो दोस्तों, अगर आप आत्मनिर्भर भारत अभियान 3.0 से संबंधित सभी महत्वपूर्ण जानकारी प्राप्त करना चाहते हैं तो हमारा यह लेख ध्यान से पढ़े।

Table of Contents

आत्मनिर्भर भारत अभियान | PM Modi Aatm Nirbhar Yojana

प्रधानम्नत्री नरेंद्र मोदी द्वारा देश में कोरोना वायरस के संकट के समय में अनेको बार राष्ट के नाम सम्बोधन में देश को आत्मनिर्भर बनाने के लिए सभी से प्रयास करने की बात कही गयी है। देश में आयात को कम करने तथा सप्लाई चेन के विकास के द्वारा देश को प्रत्येक क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने के लिए प्रयास करने की बात कहु गयी है।  इसी के तहत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा आज दिनांक 12 मई 2020 को राष्ट के नाम सम्बोधन में आत्मनिर्भर भारत अभियान (Aatm Nirbhar Yojana) की शुरुआत की गयी है। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य देश के 130 करोड़ नागरिको को आत्मनिर्भर बनने तथा स्वेदेशी उत्पादों के ज्यादा से ज्यादा इस्तेमाल की बात कही गयी है।

आत्मनिर्भर भारत अभियान

आत्मनिर्भर भारत अभियान का उद्देश्य

प्रधानम्नत्री नरेंद्र मोदी द्वारा देश में कोरोना वायरस के संकट के समय में अनेको बार राष्ट के नाम सम्बोधन में देश को आत्मनिर्भर बनाने के लिए सभी से प्रयास करने की बात कही गयी है। देश में आयात को कम करने तथा सप्लाई चेन के विकास के द्वारा देश को प्रत्येक क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने के लिए प्रयास करने की बात कही गयी है।  इसी के तहत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा 12 मई 2020 को राष्ट के नाम सम्बोधन में Aatm Nirbhar Yojana की शुरुआत की गयी है। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य देश के 130 करोड़ नागरिको को आत्मनिर्भर बनाना है। आत्मनिर्भर भारत अभियान के माध्यम से देश के नागरिकों के लिए विभिन्न प्रकार की योजनाएं शुरू की गईं, ताकि देश की आर्थिक स्थिति में सुधार हो सके। आत्मनिर्भर भारत अभियान का मुख्य उद्देश्य देश की आर्थिक स्थिति में सुधार करना है, ताकि देश की अर्थव्यवस्था को पहले से बहाल किया जा सके।

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पीएम मोदी आत्मनिर्भर भारत अभियान राहत पैकेज महत्वपूर्ण जानकारी

योजना का नामआत्मनिर्भर भारत अभियान (Aatm Nirbhar Yojana)
आरम्भ की गईप्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी द्वारा
आरंभ की तिथि12 मई 2020
राहत पैकेज की राशि20 लाख करोड़ रुपए
लाभार्थीदेश का प्रत्येक नागरिक
उद्देश्यमहामारी एक समय में समृद्ध और संपन्न भारत का निर्माण
लाभMSME के लिए राहत पैकेज की घोषणा
श्रेणीकेंद्र सरकारी योजनाएं
आधिकारिक वेबसाइटwww.pmindia.gov.in

Aatm Nirbhar Bharat Abhiyan (आत्मनिर्भर भारत)

इस समय भारत समेत लगभग पूरी दुनिया में कोरोना वायरस के संक्रमण को देखते हुए लॉक-डाउन की स्थिति बनी हुई है। ऐसे में देश में MSME ( सुक्ष्म, लघु तथा मध्यम उद्योगों , श्रमिकों ,मजदूरों और किसानो) को काफी परेशनियो का सामना करना पड़ रहा है। ऐसे में प्रधानम्नत्री नरेंद्र मोदी द्वारा देश के सुक्ष्म, लघु तथा मध्यम उद्योगों , श्रमिकों ,मजदूरों और किसानो को आत्मनिर्भर बनाने के लिए आर्थिक पैकेज का ऐलान किया गया है। प्रधानम्नत्री नरेंद्र मोदी द्वारा 20 लाख करोड़ के राहत पैकेज की घोषणा की गयी है जो देश की जीडीपी का 10% है।

अब तक घोषित प्रोत्साहन का सारांश

आत्मनिर्भर भारत अभियान 1.011,02,650 करोड़ रुपए
प्रधानमंत्री गरीब कल्याण पैकेज अन्न योजना82,911 करोड़ रुपए
अर्जुन निर्मल भारत अभियान 3.02,65,080 करोड़ रुपए
RBI Measures12,71,200 करोड़ रुपए
टोटल29,87,641 करोड़ रुपए
प्रधानमंत्री गरीब कल्याण पैकेज1,92,800 करोड़ रुपए
आत्मनिर्भर भारत अभियान 2.073,000 करोड़ रुपए

Aatm Nirbhar Bharat Abhiyan 3.0 के भाग

  • आत्मनिर्भर भारत अभियान योजना के अंतगर्त तीन भाग होते हैं। सबसे पहले भाग में उत्तर पूर्वी क्षेत्र शामिल है और इसके लिए 200 करोड़ रुपये आवंटित हुए हैं। असम को उसकी आबादी और भौगोलिक क्षेत्र को ध्यान में रखते हुए 450 करोड़ रुपये आवंटित हुए हैं। इस योजना के दूसरे भाग में वे सब राज्य आते हैं जो पहले भाग में शामिल नहीं हैं।
  • सरकार  के माध्यम से दूसरे भाग के लिए 7500 करोड़ रुपये की धनराशि आवंटित हुए है, और इस योजना के तीसरे भाग के तहत 2000 करोड़ रुपये आवंटित हुए हैं।
  • इस तीसरे भाग की राशि केवल उन राज्यों को दी जाएगी जो राज्यों में सरकार के तहत बताए गए इन चार सुधार में  से “वन नेशन वन राशन कार्ड, इज ऑफ डूइंग बिजनेस रिफॉर्म, अर्बन लोकल बॉडीज / यूटिलिटी रिफॉर्म और पावर सेक्टर रिफॉर्म” कम से कम तीन सुधारों को लागू करते हैं।

वित्त मंत्री द्वारा एमएसएमई के तहत की गई 16-घोषणाएं

कोविद 19 संक्रमण के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एक राष्ट के नाम सम्बोधन में 20 लाख करोड़ के राहत पैकेज की घोषणा के बाद केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा सूक्ष्म लघु मध्यम वर्गीय गृह उद्योग (MSMEs)के लिए निम्नलिखित 16 घोषणाएं की गयी है। बताते चले की इस समय MSMEs देश में 12 करोड़ से अधिक लोगो को रोजगार के अवसर प्रदान करता है। यहाँ हम आपको कुछ बिन्दुओ में प्रधानममंत्री नरेंद्र मोदी के विज़न आत्मनिर्भर भारत अभियान (Aatm Nirbhar Yojana) के बारे में जानकारी प्रदान करेंगे। इसके साथ ही आप विस्तृत जानकारी के लिए दिए गए वीडियो के माध्यम से वित्त मंत्री निर्मला सीताराम के अभिभाषण को सुन सकते हैं।

  • MSMEs सहित व्यापार के लिए रुपये 3 लाख करोड़ संपार्श्विक नि: शुल्क स्वचालित ऋण की व्यवस्था (Rupee 3 lakh Crore Collateral free automatic loan for business including MSMEs)
  • MSMEs के लिए 20,000 करोड़ के अधीनस्थ ऋण की व्यवस्था (20,000 crore subordinate debt arrangement for MSMEs)
  • MSMEs के फंड के माध्यम से 50000 करोड़ इक्विटी इन्फ्यूशन (50000 crore equity infusion through MSMEs fund)
  • आत्मनिर्भर भारत अभियान के तहत MSMEs की नई परिभाषा (New definition of MSMEs under the Self-Reliant India Campaign)
  • २०० करोड़ तक का  ग्लोबल टेंडर (Global tender up to 200 crores)
  • एसएमई के लिए अन्य हस्तक्षेप (Other interventions for SMEs)
  • 3 और महीनों के लिए व्यापार और श्रमिकों के लिए 2500 करोड़ रुपये का ईपीएफ समर्थन (2500 crore EPF support for trade and workers for 3 more months)
  • 3 महीने की अवधि के लिए ईपीएफ अंशदान व्यापार और श्रमिकों के लिए कम कर दिया गया (3 महीने की अवधि के लिए ईपीएफ अंशदान व्यापार और श्रमिकों के लिए कम कर दिया गया)
  • एनबीएफसी / एचडी / एमएफआई के लिए 30000 करोड़ रुपये की तरलता सुविधा (30000 crore liquidity facility for NBFCs / HD / MFIs)
  • एनबीएफसी के लिए 45000 करोड़ रुपये की आंशिक क्रेडिट गारंटी योजना (45000 Crore Partial Credit Guarantee Scheme for NBFCs)
  • DISCOM के लिए 90000 करोड़ रुपये की तरलता इंजेक्शन (Rs 90000 crore liquidity injection for DISCOM)
  • इस अभियान के तहत ठेकदारों को राहत दे गयी है (The campaigners have been given relief under this campaign)
  • RERA के तहत रियल एस्टेट परियोजनाओं के पंजीकरण और पूर्णता तिथि का विस्तार (Extension of registration and completion date of real estate projects under RERA)
  • टीडीएस / टीसीएस कटौती के तहत 50000 करोड़ रुपये की तरलता (Liquidity of Rs 50000 crore under TDS / TCS deduction)
  • वित्त मंत्रालय द्वारा लिए गए अन्य कर उपाय (Other tax measures taken by Ministry of Finance)

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आत्मनिर्भर भारत अभियान के लाभ

  • इस राहत पैकेज से MEMEs के तहत जुड़े हुए 12 करोड़ से अधीक लोगो को लाभ प्राप्त होगा।
  • करीब 11 करोड़  MEMEs कर्मचारियों को इससे सीधा लाभ पहुंचाया जायेगा। इस क्षेत्र से जुड़े लगभग 4 करोड़ लोगो को लाभ पहुंचाया जायेगा।
  • कुटीर उद्योग, गृह उद्योग, हमारे लघु-मंझोले उद्योगो के लिए आत्मनिर्भर भारत अभियान में अनेको घोषणाएं की गयी है।
  • इस आर्थिक पैकेज से गरीब मजदूरों, कर्मचारियों के साथ ही होटल तथा टेक्सटाइल सेक्टर से जुड़े हुए मजदूर को सीधा लाभ पहुंचाया जा सकेगा।
  • कोरोना वायरस के संक्रमण के समय देश में इस राहत पैकेज से करोड़ नौकरियों को बचाया का सकेगा।

आत्मनिर्भर भारत अभियान के तहत आने वाले क्षेत्र

  • कृषि प्रणाली (Reformation Of Agricultural Supply Chain & System)
  • सरल और स्पष्ट नियम कानून (Rational Tax System)
  • उत्तम आधारिक संरचना (Reformation Of Infrastructure)
  • समर्थ और संकल्पित मानवाधिकार ( Capable Human Resources)
  • बेहतर वित्तीय सेवा (A Good Financial System)
  • नए व्यवसाय को प्रेरित करना (To Motivate New Business)
  • निवेश को प्रेरित करना (Provide Good Investment Opportunities)
  • मेक इन इंडिया (Make In India Mission)

आत्मनिर्भर भारत अभियान 3.0 के अंतर्गत लांच की गई 12 योजनाएं

आत्मनिर्भर भारत रोजगार योजना

इस योजना के तहत, संगठित क्षेत्र में रोजगार प्रदान करने पर जोर दिया जाएगा और अधिक से अधिक लोगों को कर्मचारी भविष्य निधि से जोड़ा जाएगा। 30 जून 2021 तक आत्मनिर्भर भारत रोज़गार अभियान चलाया जाएगा। केवल ईपीएफओ के तहत पंजीकृत संस्थान ही  इस योजना के तहत लाभ उठा सकते हैं। यदि कोई संस्थान ईपीएफओ के तहत पंजीकृत नहीं है, तो वह इस योजना का लाभ नहीं उठा सकता है। इस योजना के तहत, सभी संगठन जिनके पास 1000 से कम कर्मचारी हैं, में केंद्र सरकार द्वारा कर्मचारी के हिस्से का 12% और नियोक्ता के 12% का योगदान दिया जायेगा। 1000 से अधिक कर्मचारियों वाले संगठन में, केंद्र सरकार कर्मचारियों के हिस्से का 12% योगदान देगी। यह योजना 2 वर्षों तक जारी रहेगी। इस योजना के लिए पात्र बनने के लिए, आपको आधार के साथ एक ईपीएफ खाता खोलना होगा।

इमरजेंसी क्रेडिट लाइन गारंटी स्कीम

आपातकालीन क्रेडिट लाइन गारंटी योजना को भी 31 मार्च 2021 तक बढ़ा दिया गया है, ताकि अधिक से अधिक लोग इस योजना का लाभ उठा सकें। इस योजना के तहत संपार्श्विक मुक्त ऋण प्रदान किया जा रहा था। इमरजेंसी क्रेडिट लाइन गारंटी योजना के तहत व्यवसाय के लिए ऋण लिया जा रहा है। इस योजना के पात्र लाभार्थी एमएसएमई इकाइयां, व्यवसाय उद्यम, व्यक्तिगत ऋण और मुद्रा ऋण लेने वाले व्यक्ति हैं। इस योजना के तहत अब तक 61 लाख लोगों को 2.05 लाख करोड़ रुपये प्रदान किए गए हैं। कामत समिति द्वारा इस योजना के तहत 26 तनावग्रस्त क्षेत्रों को भी शामिल किया गया है।

आत्मनिर्भर मैन्युफैक्चरिंग प्रोडक्शन लिंक्ड इंसेंटिव स्कीम

उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए प्रोडक्शन लिंक्ड इंसेंटिव स्कीम शुरू की गई है। घरेलू विनिर्माण को इस योजना के तहत बढ़ावा दिया जाएगा, ताकि देश में निर्यात बड़ा हो और आयात कम हो। अगले 5 वर्षों के लिए, इस योजना के तहत दो लाख करोड़ रुपये का बजट निर्धारित किया गया है। 10 नए क्षेत्रों को आत्मनिर्भर विनिर्माण उत्पादन लिंक्ड प्रोत्साहन योजना से जोड़ा गया है, ताकि अर्थव्यवस्था आगे बढ़े। इस योजना में उन्नत रासायनिक सेल बैटरी, इलेक्ट्रॉनिक और प्रौद्योगिकी उत्पाद, ऑटोमोबाइल और ऑटो घटक, फार्मास्युटिकल ड्रग्स, दूरसंचार और नेटवर्किंग उत्पाद, कपड़ा उत्पाद, खाद्य उत्पाद, सौर पीवी मॉड्यूल, सफेद वस्तुएं और विशेष इस्पात शामिल हैं।

प्रधानमंत्री आवास योजना(शहरी)

प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत 18000 करोड़ रुपये का अतिरिक्त योगदान देने का निर्णय लिया गया है। यह 2020-21 में 8000 करोड़ रुपये के बजट से अलग 18000 करोड़ रुपये होंगे। इस योजना के तहत 1200000 घर बनाए जाएंगे और 1800000 घर पूरे किए जाएंगे। इस योजना के माध्यम से 78 लाख से अधिक रोजगार के अवसर पैदा होंगे और 25 लाख मीट्रिक टन स्टील और 131 लाख मीट्रिक टन सीमेंट का उपयोग किया जाएगा।

कंस्ट्रक्शन तथा इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर को सहायता

सरकार द्वारा प्रदर्शन सुरक्षा को 5 से 10% से घटाकर 3% कर दिया गया है। इसके साथ, निर्माण और बुनियादी ढांचे से जुड़ी कंपनियों के पास काम करने के लिए अधिक पूंजी लगाई जाएगी। अब टेंडर भरने के लिए ईएमडी की आवश्यकता नहीं होगी, इसे बिड सिक्योरिटी डिक्लेरेशन द्वारा प्रतिस्थापित किया जाएगा। यह सुविधा 31 दिसंबर 2021 तक प्रदान की जाएगी।

घर बनाने वाले तथा घर खरीदने वालों के लिए इनकम टैक्स रिलीफ

धारा 43 के तहत डिफरेंशियल 10% से बढ़ाकर 20% कर दिया गया है। यह बदलाव केवल उन घरों के लिए है जो पहली बार 30 जून, 2021 तक बेचे गए थे, जिनका मूल्य दो करोड़ रुपये तक है।

एग्रीकल्चर सब्सिडी फर्टिलाइजर

जैसा कि आप जानते हैं कि खेत में पानी लगाने के बाद सबसे ज्यादा जरूरत खाद की होती है। उर्वरक का उपयोग हर साल बढ़ रहा है। इसे ध्यान में रखते हुए, उर्वरक सब्सिडी प्रदान करने के लिए 65000 करोड़ रुपये दिए जाएंगे। ताकि देश के 140 मिलियन किसानों के पास खाद की कमी न हो।

प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना

प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना 116 जिलों में लागू की जा रही है। इसके तहत अब तक 37543 करोड़ रुपये खर्च किए जा चुके हैं। अब पीएम गरीब कल्याण योजना के तहत 10,000 करोड़ रुपये अधिक खर्च किए जाएंगे। ताकि देश के हर नागरिक तक रोजगार पहुँचे और गाँव की अर्थव्यवस्था भी बढ़े। इस योजना के माध्यम से प्रणाली में पारदर्शिता आएगी और बेरोजगारी की दर में भी कमी आएगी।

बूस्ट फॉर प्रोजेक्ट एक्सपोर्ट्स

एलओसी के तहत 811 निर्यात अनुबंधों का वित्तपोषण किया जा रहा है। अब परियोजना निर्यात को बढ़ावा देने के लिए एक्सिम्बैंक को 3000 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता दी जाएगी। यह वित्तीय सहायता आइडिया योजना के तहत प्रदान की जाएगी। प्रोजेक्ट एक्सपोर्ट में पावर, रेलवे, ट्रांसपोर्ट, ट्रांसमिशन रोड आदि प्रोजेक्ट शामिल हैं।

कैपिटल एंड इंडस्ट्रियल स्टीमुलस

सरकार द्वारा पूंजी और औद्योगिक व्यय के लिए 10200 करोड़ रुपये का अतिरिक्त बजट निर्धारित किया गया है। यह सहायता घरेलू रक्षा उपकरण, औद्योगिक प्रोत्साहन, औद्योगिक अवसंरचना, हरित ऊर्जा आदि के लिए प्रदान की जाएगी ताकि हमारा देश उत्पादन के क्षेत्र में आगे बढ़ सके।

कोविड-19 वैक्सीन के शोध तथा विकास के लिए

भारतीय कोविद वैक्सीन के अनुसंधान और विकास के लिए कोविद सुरक्षा मिशन के लिए 900 करोड़ रुपये की राशि प्रदान की जाएगी। यह धन जैव प्रौद्योगिकी विभाग को प्रदान किया जाएगा।

COVID Budget 2020 राहत पैकेज के लाभ

  • MSME के तहत कार्य करने वाले श्रमिक
  • मध्यमवर्गीय उद्योग
  • लघु उद्योग
  • कुटीर उद्योग
  • काश्तकार
  • खतिहार किसान
  • प्रवासी मजदूर
  • पशुपालक
  • मछुआरे
  • संगठित क्षेत्र व असंगठित क्षेत्र के व्यक्ति

आत्मनिर्भर भारत अभियान स्टैटिसटिक्स

Total activities191
Ministries/Organizations198
Number of participants13,00,723

पीएम मोदी के आत्मनिर्भर भारत अभियान के संकल्प

माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आत्मनिभर भारत अभियान के तहत हम सभी को निम्न संकल्प लेने की आवश्यकयता है।

  • यह राहत पैकेज देश में कोरोना वायरस के संक्रमण के समय में देश को दुबारा विकास के रास्ता पर ले जाने का कार्य करेगा।
  • देश में COVID 19 कोरोना वायरस के संक्रमण के समय में नए संकल्प के साथ विभिन वर्गों एक लोगो को साथ लाते हुए विकास के पथ पर ले जाने का काम किया जायेगा।
  • इस अभियान के मुख्य रूप से MSMEs लघु और कुटीर उद्योगों को विशेष रूप से प्रोत्साहन दिया गया है। इस राहत पैकेज में सभी उद्योगों को 20 लाख करोड़ की सहायता प्रदान करने की बात कही गयी है जिससे भारत के इस क्षेत्र से जुड़े लोगो को विकास के अवसर उपलब्ध हो सके।

Statistics of Aatm Nirbhar Abhiyan 3.0

हाउसिंग फॉर ऑल (शहरी)18000 करोड़
बूस्ट फॉर रूरल एंप्लॉयमेंट10 हजार करोड़
R&D ग्रांट फॉर COVID सुरक्षा-इंडियन वैक्सीन डेवलपमेंट900 करोड़
इंडस्ट्रियल इंफ्रास्ट्रक्चर, इंडस्ट्रियल इंसेंटिव एंड डोमेस्टिक डिफेंस इक्विपमेंट10200 करोड़
बूस्ट फॉर प्रोजेक्ट एक्सपोर्ट3000 करोड़
बूस्ट फॉर आत्मनिर्भर मैन्युफैक्चरिंग1,45,980 करोड
सपोर्ट फॉर एग्रीकल्चर65 हजार करोड़
बूस्ट फॉर इंफ्रास्ट्रक्चर6000 करोड़
आत्मनिर्भर भारत रोजगार योजना6000 करोड़
टोटल2,65,080 करोड
कुल गतिविधिययां191
प्रतिभागियों की संख्या13,00,723
मंत्रालय / संगठन198

आत्मनिर्भर भारत अभियान 2.0  की योजनाएं

  • फेस्टिवल एडवांस: फेस्टिवल एडवांस स्कीम के तहत सभी लाभार्थियों को एसबीआई उत्सव कार्ड दिए गए हैं।
  • LTC कैश वाउचर योजना: LTC कैश वाउचर योजना की शुरुआत भी आत्मनिर्भर भारत अभियान 2.0 में शुरू की गई थी। इस योजना के कारण अर्थव्यवस्था में सुधार हुआ है।
  • सड़क परिवहन मंत्रालय और रक्षा मंत्रालय को 25,000 करोड़ रुपये का अतिरिक्त पूंजी व्यय प्रदान किया गया।
  • देश के 11 राज्यों को पूंजीगत व्यय के लिए 3621 करोड़ रुपये का ऋण दिया गया।

आत्मनिर्भर भारत अभियान 1.0 के तहत शुरू की गयी योजनाएं

  • वन नेशन वन राशन कार्ड: इस योजना के तहत पूरे भारत में किसी भी राशन की दुकान से राशन कार्ड से राशन खरीदा जा सकता है। वन नेशन वन राशन कार्ड 1 सितंबर 2020 से शुरू किया गया था। अब तक 28 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में वन नेशन वन राशन कार्ड लागू किया गया है।
  • पीएम सवनिधि योजना: इस योजना के तहत, सड़क विक्रेताओं को 13.78 लाख रुपये वितरित किए गए हैं। जिसकी कीमत 1373.33 करोड़ है। इन लोगों को 30 राज्यों और 6 केंद्र शासित प्रदेशों में वितरित किया गया है।
  • किसान क्रेडिट कार्ड योजना: किसान क्रेडिट कार्ड योजना के तहत रु 157.44 लाख किसानों को अब तक 1,43,262 करोड़ रुपये प्रदान किए गए हैं।
  • प्रधान मंत्री मत्स्य सम्पदा योजना: अब तक, 1681.32 करोड़ रुपये का ऋण प्रधानमंत्री मत्स्य सम्पदा योजना के तहत वितरित किया गया है।
  • किसानों के लिए नाबार्ड के माध्यम से आपातकालीन कार्यशील पूंजीगत निधि: इस योजना के तहत, किसानों के खाते में अब तक 25000 करोड़ रुपये वितरित किए गए हैं।
  • ISLGS 1.0: इस योजना के तहत, 61 लाख लोगों को 2.05 लाख करोड़ रुपये सैंक्शन किए गए हैं। 1.52 लाख करोड़ रुपये अब तक वितरित किए गए हैं।
  • आंशिक ऋण गारंटी योजना 2.0: अब तक सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक ने इस योजना के तहत पोर्टफोलियो की खरीद के लिए 26,899 करोड़ रुपये की मंजूरी दी है।
  • एनबीएफसी / एचएफसी के लिए विशेष तरलता योजना: इस योजना के तहत अब तक 7227 करोड़ रुपये का वितरण किया गया है।
  • प्रवचन के लिए तरलता इंजेक्शन: इस योजना के तहत अब तक 118273 करोड़ रुपये का ऋण स्वीकृत किया गया है। जिसमें से 31136 करोड़ रुपये का ऋण वितरित किया गया है।

आत्मनिर्भर भारत अभियान 3.0 रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया

आप दिए गए आसान से चरणों के द्वारा आत्मनिर्भर भारत अभियान 3.0 में रजिस्टर कर सकते हैं।

  • सबसे पहले आपको आत्मनिर्भर भारत अभियान की आधिकारिक वेबसाइट पर जाना होगा। इसके बाद आपके सामने वेबसाइट का होमपेज खुल जायेगा।
Aatm Nirbhar Bharat Yojana
  • वेबसाइट के होमपेज पर आपको मेन्यू में “रजिस्टर” के विकल्प पर क्लिक करना है। इसके बाद आपके सामने एक नया पेज खुल जायेगा।
Aatm Nirbhar Bharat Registration
  • इस पर आपको रजिस्ट्रेशन फॉर्म दिखाई देगा, इस फॉर्म में मांगी गायी जानकारी भरें जैसे आपका नाम, ईमेल आईडी, मोबाइल नंबर आदि।
  • सभी जानकारी भरने के बाद क्रिएट न्यू अकाउंट के लिंक पर क्लिक करे और आपके रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया पूरी हो जाएगी।

आत्मनिर्भर भारत अभियान लॉगिन प्रक्रिया

आत्मनिर्भर भारत अभियान में रजिस्टर करने के बाद लॉगिन के लिए आप नीचे दिए गए चरणों को फॉलो कर सकते हैं।

  • सबसे पहले आपको आत्मनिर्भर भारत अभियान की आधिकारिक वेबसाइट पर जाना होगा। इसके बाद आपके सामने वेबसाइट का होमपेज खुल जायेगा।
  • वेबसाइट के होमपेज पर आपको मेन्यू में “लॉगिन” के विकल्प पर क्लिक करना है। इसके बाद आपके सामने एक नया पेज खुल जायेगा।
Aatm Nirbhar Bharat Login
  • इस पर आपको लॉगिन फॉर्म दिखाई देगा, इस फॉर्म में अपनी ईमेल आईडी तथा पासवर्ड भरें।
  • जानकारी भरने के बाद लॉगिन विद पासवर्ड का बटन दबाएं और बटन दबाते ही आप आधिकारिक वेबसाइट पर लॉगिन हो जाएंगे।

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हम उम्मीद करते हैं की आपको आत्मनिर्भर भारत अभियान (COVID Budget 2020) से सम्बंधित जानकारी जरूर लाभदायक लगी होंगी। इस लेख में हमने आपके द्वारा पूछे जाने वाले सभी सवालो के जवाब देने की कोशिश की है।

यदि अभी भी आपके पास इस योजना से सम्बंधित सवाल है तो आप हमसे कमेंट के माध्यम से पूछ सकते हैं। इसके साथ ही आप हमारी वेबसाइट को बुकमार्क भी कर सकते हैं।

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