स्वच्छ सर्वेक्षण 2021 | MyGov.in Swachh Survekshan लाभ व सभी जानकारी

भारत के प्रधानमंत्री और केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी जी द्वारा स्वच्छ सर्वेक्षण 2020-2021 (Swachh Survekshan) की शुरुआत स्वच्छ भारत मिशन के अनुसार की गयी है। इस सर्वेक्षण के अनुसार इस वर्ष की कवायद में अपशिष्ट जल के निस्तारण और अतिरिक्त मापदंडो पर ध्यान दिए जाने का प्रावधान किया गया है, और यह सर्वेक्षण भारत के सभी शहरों और कस्बों में किया जायेगा।

स्वच्छ सर्वेक्षण 2020-2021 के अनुसार आवास और शहरी मामलों के मंत्रालय के अनुसार राज्यों की रैंकिंग की भी घोषणा की जाएगी। व्यवहार परिवर्तन को बनाए रखने पर ध्यान केंद्रित करने के साथ प्रक्रिया को अधिक मजबूत बनाने के लिए प्रति वर्ष, स्वच्छ सुरक्षण को नवीन रूप दिया जाता है। इस लेख में हम आपको स्वच्छ सर्वेक्षण 2020-2021 के लाभ, उदेश्य के बारे में जानकारी प्रदान करेंगे।

Swachh Survekshan 2021

इस वर्ष स्वच्छ सर्वेक्षण 2020-2021 का छठा संस्करण है और  केंद्रीय सरकार द्वारा प्रेरक उदार सम्मान नामक पुरस्कार के नयी श्रेणी की घोषणा की गयी है। इस सम्मान के आधार पर पांच अतिरिक्त उप श्रेणी -दिव्य (प्लैटिनम), अनुपम (गोल्ड), उज्जवल (सिल्वर), उदित (ब्रॉन्ज), आरोही (एस्पायरिंग) बनायीं जाएँगी और इस सर्वेक्षण के अंतर्गत हर वर्ष नयी आयामों को शामिल किया जाता है।

स्वच्छ सर्वेक्षण 2020-2021

 केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी जी ने बताया है कि पिछले वर्ष की तरह स्वच्छता कड़ी की निरंतरता सुनश्चित करने की दिशा में मंत्रालय के प्रयासों के तहत स्वच्छ सर्वेक्षण 2020-2021 का संकेतक अपशिष्ट जल के निस्तारण और फिर से इसे इस्तेमाल योग्य बनाने पर केंद्रित होगा। इस साल भी स्वच्छ सर्वेक्षण 2020-2021 (Swachh Survekshan) में नयी आयामों को शामिल किया गया है।

स्वच्छ सर्वेक्षण 2021 के लाभ, समस्त जानकारी

  • यह  सर्वेक्षण देश भर के सभी शहरों और कस्बों में किये  जाने जाने का प्रावधान किया गया है।
  • इस वर्ष स्वच्छ सर्वेक्षण 2020-2021 में कचरा मुक्त और खुले में शौच मुक्त शहरों पर अधिक ध्यान दिया जाएगा।
  • संकेतक अपशिष्ट जल उपचार से संबंधित मापदंडों को इस सर्वेक्षण के अनुसार ही सुधार किया जायेगा।
  • हमेशा नागरिक सहभागिता पर इस सर्वेक्षण का मुख्य फोकस रहा है।
  • इस वर्ष नागरिक केंद्रित ध्यान में काफी वृद्धि हुई है, क्योंकि नागरिकों और उनके योगदान शहर के ठोस अपशिष्ट प्रबंधन के नेतृत्व में नए विचारों के लिए अंक आवंटित किए जाएंगे।
  • पिछले 3  सालों से स्वच्छ सर्वेक्षण को पूरी तरह से डिजिटल बना दिया गया है। स्वच्छ भारत मिशन में इस समय 15 इन-हाउस और 10 थर्ड पार्टी एप्लिकेशन चल रही हैं जिनको विकसित किया गया है और वर्तमान में स्वच्छ भारत मिशन के लिए चल रही हैं।
  • स्वच्छ सर्वेक्षण  2020  में 1.87 करोड़ नागरिकों की भागीदारी हुई थी। वर्ष 2018 का स्वच्छता सर्वेक्षण विश्व का सबसे बड़ा सर्वेक्षण माना जाता है और इसमें 4203 शहरों की रैंकिंग की गयी थी ।
  • वर्ष 2019 में न केवल 4,237 शहरों को कवर किया, बल्कि 28 दिनों के रिकॉर्ड समय में पूरी तरह से पूरी तरह से डिजिटल सर्वेक्षण भी पूरा किया था। 

स्वच्छ सर्वेक्षण 2021 का उद्देश्य

हम जानते हैं कि देश में ऐसे भी शहर और कस्बे हैं जहाँ सफाई पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है। जिसके कारण देश में बीमारियां बढ़ती ही जा रही हैं और इतने बड़े मुद्दे को एक छोटा सा मुद्दा समझ कर लोग इससे पीछा छुड़ाने की कोशिश करते हैं। भारत देश में इसी समस्या को देखते हुए देश के प्रधान मंत्री जी द्वारा स्वच्छ सर्वेक्षण 2020-2021 (Swachh Survekshan)  शुरुआत की गयी है।

स्वच्छ सर्वेक्षण 2020-2021 का मुख्य उदेश्य देश में फैले गीले, शुष्क और खतरनाक अपशिष्ट द्वारा फैली बिमारियों से भारत को मुक्त कराना है। इसके लिए देश में फैले पुनर्चक्रण, निर्माण मलबा का निस्तारण, कचरा स्थल पर फेंके जाने वाले कचरा की मात्रा और शहरों की सफाई की स्थिति पर गौर किया जाएगा, जिससे की देश को स्वच्छ रखा जा सके और इस वर्ष भी शहर को स्वच्छ बनाने में निगम का सहयोग करें।

प्रेरक दाउर सम्मान

प्रेरक दाउर सम्मान की 5 अतिरिक्त उप श्रेणियां हैं जो निम्न प्रकार दी हुई है-

  • दिव्या (प्लेटिनम)
  • अनुपम (स्वर्ण)
  • उज्जवल (रजत)
  • उदित (कांस्य)
  • आरोही (आकांक्षी)

उच्च शिक्षा अल संस्थानों के लिए स्वछता रैंकिंग पुरस्कार

मानव संसाधन विकास मंत्रालय द्वारा इस मिशन स्वछता को हर शैक्षणिक संस्थान को शामिल करने, उन्हें न केवल परिसर की स्वच्छता बल्कि गाँव की स्वच्छता के लिए प्रोत्साहित करने, एक स्वच्छ और शुद्ध सोच वाले भारत में योगदान दिया है। स्वच्छ शिक्षा के लिए उच्च शिक्षा संस्थानों के बीच स्वस्थ सहकर्मी दबाव उत्पन्न करने के लिए उच्च शिक्षा विभाग द्वारा स्वछता रैंकिंग अभ्यास शुरू कर दिया गया है।

वर्ष 2017 की तुलना में 2018 साल की रैंकिंग को शिक्षण संस्थानों से दोगुना प्रतिक्रिया मिली है और 6000 से अधिक संस्थानों ने भाग लिया है। वर्षा जल संचयन, सौर ऊर्जा, छात्रावास रसोई उपकरण की गुणवत्ता, जल आपूर्ति प्रणाली की गुणवत्ता, रख-रखाव विधि परिष्कार आदि जैसे पहलुओं को शामिल करने के लिए मापदंडों को अधिक वैज्ञानिक बनाया गया है,  जिससे कि छात्र सीखने के लिए वातावरण स्वच्छ बने और उच्च विचार की ओर बढ़े।

बीपीएल सूची, राशन कार्ड लिस्ट

पुरस्कार पाने वालों की सूची

पुरस्कारवर्गशहरी स्थानीय निकाय (राज्य) का नाम
1भारत का सबसे साफ शहर – नंबर 1राष्ट्रीयIndore (Madhya Pradesh)
2भारत का सबसे साफ शहर – नंबर 2Bhopal (Madhya Pradesh)
3भारत का सबसे साफ शहर – नंबर 3चंडीगढ़
4भारत का ‘सबसे बड़ा बड़ा शहर’> 10 लाखVijaywada (Andhra Pradesh)
5भारत का ‘फास्टेस्ट मोवर’ बड़ा शहर> 10 लाखगाजियाबाद ( उत्तर प्रदेश )
6‘सिटीजन फीडबैक’ में भारत का सर्वश्रेष्ठ शहर> 10 लाखKota (Rajasthan)
7‘इनोवेशन एंड बेस्ट प्रैक्टिसेज’ में भारत का सर्वश्रेष्ठ शहर> 10 लाखNagpur (Maharashtra)
8‘सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट में भारत का सर्वश्रेष्ठ शहर> 10 लाखNavi Mumbai (Maharashtra)
9भारत का सबसे साफ मध्यम शहर3 – 10 लाखमैसूरु ( कर्नाटक )
10भारत का ‘फास्टेस्ट मोवर’ मीडियम सिटी3 – 10 लाखBhiwandi (Maharashtra)
1 1‘सिटीजन फीडबैक’ में भारत का सर्वश्रेष्ठ शहर3 – 10 लाखParbhani (Maharashtra)
12‘इनोवेशन एंड बेस्ट प्रैक्टिसेज’ में भारत का सर्वश्रेष्ठ शहर3 – 10 लाखAligarh (Uttar Pradesh)
13‘सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट में भारत का सर्वश्रेष्ठ शहर3 – 10 लाखमैंगलोर (कर्नाटक)
14भारत का सबसे स्वच्छ छोटा शहर1 – 3 लाखनई दिल्ली नगरपालिका परिषद
15भारत का India’s सबसे तेज मोवर ’छोटा शहर1 – 3 लाखBhusawal (Maharashtra)
16‘सिटीजन फीडबैक’ में भारत का सर्वश्रेष्ठ शहर1 – 3 लाखGiridih (Jharkhand)
17‘इनोवेशन एंड बेस्ट प्रैक्टिसेज’ में भारत का सर्वश्रेष्ठ शहर1 – 3 लाखAmbikapur (Jharkhand)
18‘सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट में भारत का सर्वश्रेष्ठ शहर1 – 3 लाखTirupati (Andhra Pradesh)
19सबसे साफ राज्य की राजधानी / केन्द्र शासित प्रदेशकैपिटल सिटी / यूटीग्रेटर मुंबई (महाराष्ट्र)
20फास्टेस्ट मूवर स्टेट कैपिटल / यूटीJaipur (Rajasthan)
21बेस्ट स्टेट कैपिटल / यूटी इन सिटीजंस फीडबैकरांची (झारखंड)
22बेस्ट स्टेट कैपिटल / यूटी इन ‘इनोवेशन एंड बेस्ट प्रैक्टिसेस’पणजी ( गोवा )
23‘सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट’ में बेस्ट स्टेट कैपिटल / यूटीग्रेटर हैदराबाद (तेलंगाना)

स्वच्छ सर्वेक्षण के अंतर्गत शहर संकेतक का वर्गीकरण

सर्वेक्षण 6 द्वारा सूचक-वार प्रदर्शन मानदंडों के आधार पर शहरों को वर्गीकृत किया जायेगा, जिसकी पूरी जानकारी हमने नीचे दी हुई है आप इसे विस्तारपूर्वक पढ़े और  देश की स्वछता में अपना योगदान दे।

  • इस सर्वेक्षण के अनुसार कचरे को गीला, सूखा और खतरनाक श्रेणियों में विभाजित किया जायेगा।
  • शहरों और कस्बों लोगों द्वारा उत्पन्न गीले कचरे के खिलाफ प्रसंस्करण क्षमता प्रदान की जाएगी।
  • स्वच्छ सर्वेक्षण के द्वारा गीले और सूखे कचरे का प्रसंस्करण और पुनर्चक्रण किया जायेगा।
  • निर्माण और विध्वंस (सी एंड डी) अपशिष्ट का प्रसंस्करण किया जायेगा।
  • इस सर्वेक्षण के अनुसार लैंडफिल में जाने वाले कचरे की प्रतिशतता पर  ध्यान दिया जायेगा।
  • समय-समय पर शहरों की स्वच्छता स्थिति पर पूरी तरह से ध्यान से दिया जायेगा।

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हम उम्मीद करते हैं की आपको स्वच्छ सर्वेक्षण 2020-2021 से सम्बंधित जानकारी जरूर लाभदायक लगी होंगी। इस लेख में हमने आपके द्वारा पूछे जाने वाले सभी सवालो के जवाब देने की कोशिश की है।

यदि अभी भी आपके पास इस योजना से सम्बंधित सवाल है तो आप हमसे कमेंट के माध्यम से पूछ सकते हैं। इसके साथ ही आप हमारी वेबसाइट को बुकमार्क भी कर सकते हैं।

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