कुसुम योजना: ऑनलाइन आवेदन 2020, Kusum Yojana Registration एप्लीकेशन फॉर्म

Kusum Yojana Apply Online: पीएम कुसुम योजना रजिस्ट्रेशन, पीएम सौर ऊर्जा कुसुम योजना की विशेषताएं, Kisan Urja Suraksha Utthaan Maha Abhiyaan (Kusum) ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया, पात्रता मानदंड एवं आवश्यक दस्तावेजों की जानकारी आपको इस लेख में प्रदान की जाएगी। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने शनिवार को वर्ष 2020 का बजट पेश करते हुए प्रधानमंत्री कृषि ऊर्जा सुरक्षा उत्थान महाभियान (पीएम कुसुम योजना) के विस्तार की घोषणा की है।

कुसुम योजना की शुरुआत बिजली और नई और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय के सहयोग से किसानो को सौर ऊर्जा और अक्षय ऊर्जा के प्रयोग से आत्मनिर्भर बनाने के लिए की गयी है। इस योजना के द्वारा केंद्र सरकार देश में किसानो को कुसुम योजना के विस्तार के पश्चात् 20 लाख नए सोलर पंप प्रदान करने में मदद मुहैया कराने का काम करेगी। इसके लिए सरकार द्वारा 3 करोड़ से अधिक डीजल और पेट्रोल पंपों को सौर और अक्षय ऊर्जा से संचालित करने का लक्ष्य रखा गया है।

Kusum Yojana 2020 Update – कुसुम योजना क्या है?

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के वर्ष 2022 तक किसानो की आय को दोगुना करने के लक्ष्य की प्राप्ति के लिए एक और कदम के रूप में पीएम कुसुम योजना (PM Kusum Yojana) की शुरुआत की गयी है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने वर्ष 2020-21 के लिए बजट पेश करते हुए 15 लाख किसानों को ग्रिड से जुड़े सोलर पंप लगाने के लिए धन उपलब्ध कराने की बात कही है। इस योजना के कार्यान्वयन से निश्चित रूप से सौर ऊर्जा को बढ़ावा देने में मदद मिलेगी साथ ही किसान इन सोलर पंपों से बनने वाली अतिरिक्त बिजली की आपूर्ति ग्रिड को भी कर सकेंगे।

पिछले वर्ष 2019 के बजट में इस योजना के लिए 34,422 करोड़ रूपये का प्रावधान किया गया था।कुसुम योजना के माध्यम से लाभार्थी किसान खेत में सोलर पैनल के द्वारा बनने वाली अतिरिक्त बिजली की आपूर्ति ग्रिड को करके 80000 रुपये प्रति वर्ष अतिरिक्त कमाई कर सकेंगे। केंद्र सरकार द्वारा इस योजना के द्वारा 1 मेगावाट का सोलर संयत्र लगाने के लिए 5 एकड़ भूमि की आवश्यकता होगी। प्रत्येक सोलर प्लांट सालाना लगभग 11 लाख यूनिट बिजली का उत्पादन करेगा

कुसुम योजना से जुड़ी मुख्य बातें

केंद्रीय बजट में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कुसुम योजना के विस्तार के साथ कुछ नए विचार तथा बदलावों पर सहमति जताई है। केंद्रीय बजट 2020-21 में पीएम कुसुम योजना में किये गए बदलावों का विवरण इस प्रकार है: –

कुसुम योजना
  • अब किसानों को सोलर पंप लगवाने के लिए सिर्फ 10% राशि का ही भुगतान करना होगा।
  • यह सभी प्लांट बंजर अथवा कृषि हेतु अनुपयुक्त भूमि पर लगाए जायेंगे।
  • इसके साथ ही किसान बैंक से कुसुम योजना के तहत सोलर पंप लगवाने में 30% राशि बैंक से ऋण के रूप में प्राप्त कर सकेंगे।
  • केंद्र सरकार नए प्रस्ताव के बाद कुसुम योजना के तहत लगने वाले सोलर पंप पर कुल लागत का 60% रकम देगी।
  • सभी लाभार्थी किसानो को पंप की लागत की 60% सब्सिडी बैंक खाते के माध्यम से प्रदान की जाएगी।

प्रधानमंत्री कृषि ऊर्जा सुरक्षा (कुसुम योजना) का उद्देश्य

  • कुसुम योजना किसानों को ऊर्जा संरक्षण के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने का काम करेगी। इसके साथ ही सोलर पैनल से बनने वाली अतिरिक्त बिजली को ग्रिड में सप्लाई से वह अतिरिक्त आय प्राप्त कर सकेंगे।
  • इस योजना में किसानों की खेती हेतु अनुपयुक्त बंजर भूमि का प्रयोग किया जायेगा, जिससे उनकी वह भूमि भी इस्तेमाल में आ सकेगी।
  • किसान सोलर पैनल के लिए लगने वाली सोलर पैनल के अन्य फसलों का उत्पादन कर सकेंगे।
  • इस योजना के तहत वितरण कंपनियां किसानो की भूमि पर सोलर पैनल स्थापित करने के लिए भूमि मालिक को प्रति यूनिट 30 पैसे का भुगतान करेगी।
  • इस प्रकार किसान को मासिक रूप से लगभग 6600 रुपये की आय प्राप्त होगी। यह योजना प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 2022 तक किसानो की आय को दोगुना करने के सपने को सच करने का काम करेगी।

पात्रता मानदंड

इस योजना का लाभ लेने के लिए नई और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय द्वारा किसी भी प्रकार की पात्रता निर्धारित नहीं की गयी है। भारत में किसी भी राज्य का किसान इस योजना का लाभ लेकर सौर अथवा अक्षय ऊर्जा से संचालित सोलर पम्पों के द्वारा अपनी आय को बढ़ा सकते।

आवश्यक दस्तावेज

  • आधार कार्ड
  • वोटर आईडी कार्ड
  • बैंक खाते का विवरण
  • निवास प्रमाण पत्र

आपको सलाह दी जाती है की आप सभी दस्तावेजों को आवेदन प्रक्रिया शुरू करने से पहले स्कैन कर ले। इसके साथ ही आवेदन के समय अन्य कुछ दस्तावेजों की मांग भी की जा सकती है।

कुसुम योजना ऑनलाइन आवेदन, पंजीकरण प्रक्रिया

यदि आप प्रधानमंत्री कृषि ऊर्जा सुरक्षा उत्थान महाभियान (पीएम कुसुम योजना) के तहत आवेदन करना चाहते हैं तो आपको दिए गए चरणों के द्वारा ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।

  • सबसे पहले आपको कुसुम योजना की आधिकारिक वेबसाइट पर जाना होगा। इसके बाद आपके सामने वेबसाइट का होमपेज खुल जायेगा।
  • वेबसाइट के होमपेज पर आपको “Online Registration” का विकल्प दिखाई देगा। आपको इस विकल्प पर क्लिक कर देना है।
  • इसके बाद आपके सामने एक आवेदन फॉर्म खुल जायेगा। इस फॉर्म में आपको पूछी गयी सभी जानकारी जैसे नाम ,पता ,आधार नंबर ,मोबाइल आदि को दर्ज कर देना है।
  • अब आपको सभी आवश्यक दस्तावेजों को निर्धारित स्थान पर अपलोड करना होगा। किसानो को यहाँ अपना आधार नंबर और राष्ट्रीयकृत बैंक खाता की स्कैन कॉपी अपलोड करनी होगी।
  • अपने द्वारा आवेदन प्रपत्र में दर्ज सभी विवरणों की जांच कर सबमिट पर क्लिक कर दे। इस प्रकार आपका पंजीकरण सफलतापूर्वक जमा हो जायेगा।
  • सभी प्रक्रिया के समाप्त होने पर विभाग द्वारा अनुमोदित आपूर्तिकर्ताओं को सोलर पंप सेट की 10% लागत जमा करने के लिए निर्देशित किया जायेगा।
  •  यदि सब्सिडी राशि निर्देशित कर दी जाती है तो 90 से 120 दिनों के भीतर आपके खेत/भूमि पर सोलर पंप सेट चालू हो जाएगा।

कुसुम योजना पंजीकृत आवदेनों की सूची कैसे देखे?

  • सबसे पहले आपको  कुसुम योजना की आधिकारिक वेबसाइट पर जाना होगा। इसके बाद आपको “कुसुम के लिए पंजीकृत आवेदनों की सूची” विकल्प पर क्लिक कर देना है।
  • आपके द्वारा विकल्प पर क्लिक किये जाने के बाद आपके सामने चयनित आवेदनों की सूची दिखयी देगी, आप इस सूची से अपने नाम की खोज कर सकते हैं।

पीएम सौर ऊर्जा कुसुम योजना की विशेषताएं

  • केंद्र सरकार द्वारा शुरू की गयी कुसुम योजना के माध्यम से किसानो की आय में वृद्धि होगी साथ ही वह सौर ऊर्जा और अक्षय ऊर्जा के प्रयोग से आत्मनिर्भर बन सकेंगे।
  • किसान इन सोलर पैनल के द्वारा बनने वाली अतिरिक्त बिजली की आपूर्ति ग्रिड को कर सकेंगे जिसे उन्हें अतिरिक्त आय प्राप्त होगी।
  • इस परियोजना में किसान को कुल लागत का 10% ही खर्च करना होगा। इसके आलावा 30% राशि बैंक द्वारा ऋण के माध्यम से तथा 60% राशि केंद्र सरकार द्वारा वहन की जाएगी।
  • किसान अपनी बंजर अथवा कृषि एक लिए अनुप्युक्त भूमि का इस्तेमाल सोलर पैनल के लिए कर सकेंगे।
  • केंद्र सरकार ने सौर ऊर्जा से चलने वाले 17.5 लाख सिंचाई पंपों को लगाने का लक्ष्य रखा है, जिससे गरीब किसानो की सिंचाई सम्बन्धी परिशानिया ख़त्म हो जाएँगी।

इसके साथ ही इस योजना में 17.5 लाख डीजल पंप एवं 3 करोड़ खेती उपयोगी पम्पस को आने वाले 10 वर्षो में सोलर पम्पस में परिवर्तित किये जाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। कुसुम एक लंबी अवधि की महत्वाकांक्षी योजना है, लक्ष्य सोलर पंप और सोलर उत्पादों को बढ़ावा देने के लिए प्रारंभिक बजट 50 हजार करोड़ रुपयों का आवंटन किया गया है।

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हम उम्मीद करते हैं की आपको केंद्र सरकार की कुसुम योजना से सम्बंधित जानकारी जरूर लाभदायक लगी होंगी। इस लेख में हमने आपके द्वारा पूछे जाने वाले सभी सवालो के जवाब देने की कोशिश की है।

यदि अभी भी आपके पास इस योजना से सम्बंधित सवाल है तो आप हमसे कमेंट के माध्यम से पूछ सकते हैं। इसके साथ ही आप हमारी वेबसाइट को बुकमार्क भी कर सकते हैं।

पूछे गए प्रश्नों के उत्तर

पीएम कुसुम योजना क्या है?

केंद्र सरकार ने वर्ष 2019 में किसानो की आय बढ़ाने ले लिए सोलर पंप पर सब्सिडी प्रदान करने के लिए एक योजना की शुरुआत की थी जिसे कुसुम योजना का नाम दिया गया।

इन योजना में केंद्र सरकार द्वारा कितनी सब्सिडी प्रदान की जाएगी?

केंद्र सरकार द्वारा जारी गाइडलाइन्स के अनुसार किसान के खेत में लगने वाले सोलर पैनल पर कुल लागत का 60% खर्च केंद्र सरकार द्वारा वहन किया जायेगा।

केंद्र सरकार द्वारा पीएम कुसुम योजना के कितने घातक निर्धारित किये गए हैं ?

इस योजना के अंतर्गत केंद्र सरकार ने तीन घटक निर्धारित किये हैं। 10,000 मेगावाट क्षमता के ग्रिड से जुड़े विकेंद्रीकृत नवीकरणीय बिजली संयंत्र, 17.50 लाख ग्रिड से पृथक सौर बिजली कृषि पंप और ग्रिड से जुड़े हुए 10 लाख सौर बिजली कृषि पंपों का सोलराइजेशन।

क्या कुसुम योजना के तहत पंप की लागत का 30% ऋण बैंक से लेना अनिवार्य है? नहीं, यह पूरी तरह से किसान पर निर्भर करता है। यदि किसान कुल लागत का 40% निवेश कर सकता है तो वह कर सकता है। इसके अलावा अन्य परिस्थितियों में वह बैंक से कुल लागत का 30% ऋण प्राप्त कर सकता है।

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